ब्रिज बिल्डिंग
सेतुओं का निर्माण मात्र ईटं एवं गारे की चुनाई से दूरियों को भरने के स्थान पर आधुनिक युग में उच्च स्तर की तकनीक पर आधारित हो गया है। सेतुओं की परिकल्पना एवं निर्माण, सुरक्षित एवं मजबूत स्वरुप में इस प्रकार निर्मित किया जाता है कि दैविक आपदाओं जैसे कि बाढ़, भूकम्प आदि जैसी परिस्थितियों में भी सुगम सड़क यातायात व जलमार्ग यातायात में सुगमता प्रदान करते हुये पर्यावरण व सौन्दर्य का भी समावेष किया जा सके। अन्य चुनौतियों में समय समय पर यातायात की गति का बढ़ना व विभिन्न प्रकार के वाहनों की मात्रा में अभूतपूर्व बढ़त, जिसके दृष्टिगत विभिन्न स्थानों पर सेतुओं/उपरिगामी सेतुओं एवं एक्सप्रेसवे के निर्माण की आवष्यकता प्रतीत की गयी। साथ ही महानगरों में गहन आबादी का दवाब होने के दृष्टिगत विभिन्न स्थानों पर उपरिगामी सेतुओं का निर्माण कराया जाना अत्यावष्यक हो गया, जिसके कारण सेतु निगम द्वारा जनहित में निर्मित कराये गये उपरिगामी सेतुओं से देष एवं प्रदेष वासियों को यातायात में बहुत ही सुगमता प्राप्त हुई। सेतु निगम द्वारा इन गम्भीर चुनौतियों को स्वीकार करते हुये एंव निर्धारित समयावधि में विभिन्न प्रकार के सेतुओं/उपरिगामी सेतुओं, रेल ओवर सेतु एवं अन्य हाइड्रोलिक स्ट्रक्चर्स तथा सड़क निर्माण का कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुये एक अत्यन्त ही उच्च कोटि के बिल्डर के रुप में अपने को स्थापित किया।